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कितना 12 करोड़, नहीं 12000 करोड़

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एक जमाना था जब बैंक एक-एक कागज़ को ध्यान से बारीकी से जांच करती थी और अगर कर्जा लेना था किसी को तो चप्पल खिस जाती थी बैंको के चक्कर काटते-काटते। पर समय के साथ प्रौद्योगिकी विकास हुआ जिससे अब आप घर बैठे बैंको की सुविधा का फायदा उठा सकते है।

लेकिन तब भी बैंक आम आदमी को कर्जा सोच समझ के देती है और इसी बीच अगर 12,700 करोड़ रुपियो का खोटाला हो जाए तब तो आम आदमी के साथ-साथ सरकार भी पगला जाती है। सोचने की बात है की करोड़पतियो को बैंक इतने आराम से पैसे दे देती है और कभी-कभी तो मुफ्त में, और ये तो वह खोटाला है जिसका किसी को 7 साल तक पता ही नहीं चला।

लाखपति हीरा व्यापारी नीरव मोदी ने 12,700 करोड़ रुपीयो का घोटाला किया और किसी को कानो कान शक  नहीं हुआ। वो तो १२ फेब्रुअरी को PNB को पता चला किसी अवर स्तर के अफसर ने धोके से लेटर्स ऑफ़ अंडरटेकिंग (ताकि ये विदेशी शाखाओ का लाभ उठा सके) जारी किया हैं।

बैंक के प्रमुख सुनील मेहता ने कहा है की जांच चालू है और ३ लोगो को गिरफ्तार किया गया है जिनमे से 2 बैंक के कर्मचारी है गोकुलनाथ शेट्टी और मनोज खैरात, और 1 अधिकृत हस्ताक्षरकर्ता हेमंत भट जोह की नीरव मोदी की कंपनी के ही है। इस घोटाले में गीतांजलि के आभूषण फुटकर बिक्रीकर मेहुल चौकसी का भी नाम आया है, जो नीरव मोदी के अंकल है।

इन 2 के अलावा निशाल मोदी, नीरव मोदी के भाई एवं नीरव मोदी की पत्नी, एमी भी देश में नहीं है। आखरी बार नीरव मोदी को दावोस समिट में देखा गया था, जहाँ पे प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी जी ने वर्ल्ड इकनोमिक फोरम में भाग लिया था।

अभी तक नीरव मोदी और मेहुल चौकसी की 5,100 करोड़ संपत्ति जब्त कर ली गयी है उनके फर्मो की छान बिन तक की और साथ में 6 घर, 9 वाहन ,हीरे और सोने के आभूषण को भी जब्त कर लिया और उनके खिलाफ गिरफ़्तारी का वारंट निकाल दिया गया है।

नीरव मोदी ने कहा है की ‘ PNB के सार्वजनिक होने से बकाया राशि को ठीक करने का विकल्प नहीं रहा’। वही मेहुल चौकसी ने कहा ‘वह वापस नहीं आ सकते क्योकि उनका पासपोर्ट निरस्त कर दिया गया है’। और वही दूसरी तरफ प्रियंका चोपड़ा जो की नीरव मोदी डायमंड्स की ब्रांड एम्बेसडर थी उन्होने अपना कॉन्ट्रैक्ट समाप्त कर दिया है। 

कांग्रेस, सीपीआई(म), आप ,एवं भारत का हर नागरिक आश्चर्य है की इतना वक़्त कैसे लगा गया इस घोटाले के बारे में पता करने में? क्यों मोदी सरकार कुछ नही कर रही है ? जब वह सदस्य नहीं थे आधिकारिक प्रतिनिधिमंडल के तो कैसे वो दावोस समिट में भाग ले सकते है? आम आदमी का पैसा अगर बैंक में सुरक्षित नहीं है तो कहा है?

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Pallavi Gupta

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